लोक की न्याय व्यवस्था श्रीहरि बोरिकर न्याय एक व्यापक विचार है जो मानव जीवन के लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित करता है। प्राचीन काल से अब तक भारतीय न्याय व्यवस्था में बहुत से परिवर्तन आए हैं। हर काल में…
लोक सबसे महत्वपूर्ण है। लोकतत्त्व का स्वरूप है। शास्त्र लोक को तत्त्वत: प्रतिष्ठित करते हैं। शास्त्र क्या है? लोक के सुविचारित और सर्वोपयोगी स्वरूप हैं जिनको लोक के ही अंगीभूत मनीषी और सृजनदक्ष सृजित करते हैं और लोकहित में…
