लोक सबसे महत्वपूर्ण है। लोकतत्त्व का स्वरूप है। शास्त्र लोक को तत्त्वत: प्रतिष्ठित करते हैं। शास्त्र क्या है? लोक के सुविचारित और सर्वोपयोगी स्वरूप हैं जिनको लोक के ही अंगीभूत मनीषी और सृजनदक्ष सृजित करते हैं और लोकहित में…
लोक सबसे महत्वपूर्ण है। लोकतत्त्व का स्वरूप है। शास्त्र लोक को तत्त्वत: प्रतिष्ठित करते हैं। शास्त्र क्या है? लोक के सुविचारित और सर्वोपयोगी स्वरूप हैं जिनको लोक के ही अंगीभूत मनीषी और सृजनदक्ष सृजित करते हैं और लोकहित में…